Saturday, 25 February 2017

CBSE Class 9 - कक्षा ९ - Hindi(B) हिंदी (ब) - कविता - नए इलाके में (प्रश्नोत्तर )

कविता - नए इलाके में 

कक्षा ९ - Hindi(B) हिंदी (ब) 
CBSE Class 9 - कक्षा ९ - Hindi(B) हिंदी (ब) - कविता - नए इलाके में (प्रश्नोत्तर )

प्रश्नोत्तर 


प्र १: नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है ?

उत्तर : नव निर्माण ही  कवि का रास्ता भूलना मुख्य कारण है । इसके अतिरिक्त अन्य कारण है :
१. नित्य नए मकान बनना
२. नए इलाकों का बसना
३. बनाए गए निशानों का न मिलना
४. नए परिवर्तन से कवि का दिशा भ्रमित हो जाना


प्र २ : कविता में कौन कौन से पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है ?

उत्तर : कविता में निम्नलिखित पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है :
(क) पीपल का पुराना  पेड़
(ख) ढहा हुआ मकान
(ग) खाली जंमीन का टुकड़ा
(घ) बिना रंग वाले लोहे के फाटक का एक मंजिला घर


प्र : 'नए इलाके में' कविता के रचियता का नाम लिखिए ?

उत्तर : अरुण कमल


प्र : कवि एक घर आगे या दो घर पीछे क्यों चल देता है ?

उत्तर : कवि एक घर आगे या दो घर पीछे इसलिए चल देता है क्योंकि नित्य नए निर्माण से कवी द्वारा बनाई गई पहचान व् निशान छुप या मिट जाते हैं । इसी काऱण कवि अपनी मंज़िल तक नहीं पहुँच पाता ।



प्र ५.:  "वसंत का गया पतझड़" और "बैसाख का गया भादों को लौटा" से क्या अभिप्राय है?

उत्तर : "वसंत का गया पतझड़" और "बैसाख का गया भादों को लौटा" से यह  अभिप्राय है कि वसंत के बाद पतझड़ के आने में लम्बा समय लगता है। बैसाख से भादों तक का अंतराल भी काफी लंबा है । इस लंबे अंतराल में काफी कुछ बदल जाता है । लेकिन आज की दुनिया में इतना परिवर्तन तो एक दिन में ही हो जाता है । समय अपने निरंतर गति से चलता रहता है। इसलिये जब कवि थोड़े अंतराल के बाद लौट है तो बहुत कुछ परिवर्तित हो चूका होता है ।


प्र ६: कवि ने इस कविता में  ‘समय  की कमी’ की ओर  क्यों  इशारा  किया है ?

उत्तर : कवि ने इस कविता में  ‘समय  की कमी’ की ओर  क्यों  इशारा  करते हुए  यह  समझने का प्रयास किया है कि शहर के लगातार नव निर्माण को अपनाने और पुराने को भूलने में मनुष्य को समय लगता है । समय का आभाव के कारण ही मनुष्य निरन्तर होते परिवर्तन के अनुकूल होने में असमर्थ हो जाता है ।


प्र ७ : इस कविता में कवि ने शहरों की किस विडम्बना की ओर संकेत किया है ?

उत्तर : इस कविता में कवि ने शहरों की इस  विडम्बना की ओर संकेत किया है कि यहां नित्य ही कुछ ना  कुछ घटित होता रहता है। यहाँ कुछ भी स्थायी नहीं है। लगातार होते परिवर्तन से यहाँ कुछ भी स्थाई होना असंभव सा लगता है । मनुष्य अपनी स्मृतियों पर भरोसा करते हुए निरंतर होते हुए परिवर्तन से झूझता है और अपने गन्तव्य की और बढ़ने की कोशिश करता है ।
 

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